तुम्हारा नाम
by Rajesh Patil on Tuesday, November 2, 2010 at 5:37pm
तुम्हारा नाम,
जैसे हाथ पर बैठी चिड़िया,
तुम्हारा नाम,
जैसे जीभ पर मिश्री की डली,
ओठों पर हल्का सा कम्पन,
ढाई आखर का तुम्हारा नाम,
आ गई हाथ मे उडती हुई हवा,
घंटी की खनखनाहट........... तुम्हारा नाम,
उच्चारण जैसे ,
शांत तालाब मे पत्थर की छपाक,
रात की धीमी सी आहट के बीच,
उपजता है तुम्हारा नाम ,
कांपती पर बन्दुक के घोड़े का स्पर्श ,
तुम्हारा नाम .............,
उफ़ क्या कहू !!!!
चुम्बन काले कुहरे सा ..,
पानी ? आग ?
धीरे से .....,
तटस्थता से कहने की क्या जरुरत है,
चिर परिचित यह दर्द है,
हाथो के लिए हथेली,
ओठो के लिए अपने बच्चे का नाम.
१२/०१/०१
RaajeshEknath
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