Thursday, November 11, 2010

तुम्हारा नाम

by Rajesh Patil on Tuesday, November 2, 2010 at 5:37pm

तुम्हारा नाम,

जैसे हाथ पर बैठी चिड़िया,

तुम्हारा नाम,

जैसे जीभ पर मिश्री की डली,

ओठों पर हल्का सा कम्पन,

ढाई आखर का तुम्हारा नाम,

आ गई हाथ मे उडती हुई हवा,

घंटी की खनखनाहट........... तुम्हारा नाम,

उच्चारण जैसे ,

शांत तालाब मे पत्थर की छपाक,

रात की धीमी सी आहट के बीच,

उपजता है तुम्हारा नाम ,

कांपती पर बन्दुक के घोड़े का स्पर्श ,

तुम्हारा नाम .............,

उफ़ क्या कहू !!!!

चुम्बन काले कुहरे सा ..,

पानी ? आग ?

धीरे से .....,

तटस्थता से कहने की क्या जरुरत है,

चिर परिचित यह दर्द है,

हाथो के लिए हथेली,

ओठो के लिए अपने बच्चे का नाम.

१२/०१/०१

RaajeshEknath


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