उस दिन,
काल भी चुपचाप देख रहा था,"कृष्ण और युदिश्ठिर ने भी "..
"युध्द " के लिए
उस भूमि को चुना ,
जहाँ सभी अपने स्वार्थ साधने मे व्यस्त थे,
तब से,
हम अनजाने ही इस "युध्द " मे शामिल है.
-राजेश एकनाथ
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