Thursday, November 11, 2010

खपत


सिगरेट के रूपमे राख,

आंसू के रूप मे जल ,

आवाज कोई नाम ....मैं नही,

नाम नहीं हो सकता है .

ऐसा होता है,

सुन रहे कानाफूसी,

पत्र,

इंतज़ार इस बात का,

एक गंतव्य के बिना,

निराधार,

वापसी किया जाता है,

.......कहाँ थे,

और एक पत्र हो जाता है वापस .

हार,

गाना

,....... मौसम और चलने के लिए

अधिक,

क्योंकि जूता था,आवाज करता ,

गला और जूता चलते हैं.

अंतिम लदान के लिए,

अभी भी खाली ,

खपत राख के रूप में,

जल द्वारा राख,

एक आंसू से उठाया,

मरम्मत-सपने,

क्योंकि आवाज जूते की.....

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